तोक्या २०२० पराओलिम्पिक प्रतियोगिता मैं भारत ने दो सुवर्ण पदक जीते है | उसमे एक नाम अवनी लेखरा का है |
तोक्या २०२० पराओलिम्पिक प्रतियोगिता मैं भारत ने दो सुवर्ण पदक जीते है | उसमे एक नाम अवनी लेखरा का है |
पैरा राइफल शूटर अवनि लेखरा कौन है?- Who is Para-Rifle Shooter Avani Lekhara?
अवनी लेखरा एक ऐसा नाम जो आज पूरी दुनिआ जानती है | अवनी लेखरा एक निशानेबाज है | अवनि लेखरा ने ३० अगस्त २०२१ को जापान मे हुए पैरालिम्पिक्स खेल मे भारत के लिए 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग प्रतियोगिता जीतकर सुवर्ण पदक हासिल किया और एक इतिहास रच दिया | ऐसे करने वाली वो भारत की पहली बनी |
अवनी लेखरा की उम्र महज १९ साल है और १९ साल के उम्र मै तोक्या २०२० पराओलिम्पिक राइफल शूटर
प्रतियोगिता मैं कुल 249.6 अंक (पॉइंट स्कोर) के साथ विश्व रिकॉर्ड बनाया, जो एक नया पैरालंपिक रिकॉर्ड भी है |
अवनी लेखरा एक ऐसा नाम जो आज पूरी दुनिआ जानती है | अवनी लेखरा एक निशानेबाज है | अवनि लेखरा ने ३० अगस्त २०२१ को जापान मे हुए पैरालिम्पिक्स खेल मे भारत के लिए 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग प्रतियोगिता जीतकर सुवर्ण पदक हासिल किया और एक इतिहास रच दिया | ऐसे करने वाली वो भारत की पहली बनी |
अवनी लेखरा की उम्र महज १९ साल है और १९ साल के उम्र मै तोक्या २०२० पराओलिम्पिक राइफल शूटर
प्रतियोगिता मैं कुल 249.6 अंक (पॉइंट स्कोर) के साथ विश्व रिकॉर्ड बनाया, जो एक नया पैरालंपिक रिकॉर्ड भी है |
अवनि लेखरा का जन्म एवं शुरुवाती जीवन- (Avani Lekhara Birth and Early Life):

अवनि लेखरा का जीवन परिचय | Avani Lekhara Biography in Hindi
अवनि लेखारा का जन्म ०८ नवंबर २००१ को जयपुर राजस्थान में हुआ था ! प्राप्त जानकारी के अनुसार २०१२ में अवनी लेखारा और उनके पिता प्रवीण लेखरा एक सड़क दुर्घटना में पिता-पुत्री दोनों घायल हो गए! लेकिन इस दुर्घटना के कारण अवनी की रीड की हड्डी में गहरी चोट लगने के कारण वह चल फिरने में असमर्थ हो गई और
व्हीलचेयर के सहारे जिंदगी गुजारने पर विवश हो गई |
दुर्घटना के बाद अवनि लेखारा निराशा से भर गई और अपने आप को अकेला महसूस करने लगी | लेकिन माता
पिता के निरंतर प्रयास के कारण उन्होंने अपनी बेटी को उत्साहित किया और बेटी ने भी अपने मां बाप का कहा
मान खुद में आत्मविश्वास जगाया और अभिनव बिंद्रा की बायोग्राफी से प्रेरणा लेकर वह भी निशानेबाजी करने लगी |
बेटी को उसका मुकाम हासिल करने के लिए उनकी मां श्वेता जेवरिया ने भी बखूबी साथ दिया और पास ही स्थित
शूटिंग रेंज में जाकर अभ्यास करवाना शुरू कर दिया | अवनि ने बताया कि कोच के निर्देशन के अनुसार अभ्यास
करने के साथ मैं उन्होंने ने अपना शत-प्रतिशत मेहनत करना शुरू किया | निरंतर प्रयास के बाद अवनि को खेल
की बारीकियां समझ आती गई जिनपर उन्होंने और मेहनत की और उसके बाद अवनि को सफलताएं मिलती चली
गईं |
संगीत सुनना, फिल्में और टेलीविजन देखना अवनि को काफी पसंद है | इसके अलावा वह खाना पकाना और अपने
परिवार के साथ समय बिताना भी काफी पसंद करती है | अवनि लेखरा को इंस्टाग्राम पर भी काफी सोशल होते
देखा है | वो आपने फैंस के लिए तस्वीरें अपलोड कर के टच में रहती है |
![]() |
| अवनि लेखरा का जीवन परिचय | Avani Lekhara Biography in Hindi |
दुर्घटना के कारण अवनी की रीड की हड्डी में गहरी चोट लगने के कारण वह चल फिरने में असमर्थ हो गई और
व्हीलचेयर के सहारे जिंदगी गुजारने पर विवश हो गई |
दुर्घटना के बाद अवनि लेखारा निराशा से भर गई और अपने आप को अकेला महसूस करने लगी | लेकिन माता
पिता के निरंतर प्रयास के कारण उन्होंने अपनी बेटी को उत्साहित किया और बेटी ने भी अपने मां बाप का कहा
मान खुद में आत्मविश्वास जगाया और अभिनव बिंद्रा की बायोग्राफी से प्रेरणा लेकर वह भी निशानेबाजी करने लगी |
बेटी को उसका मुकाम हासिल करने के लिए उनकी मां श्वेता जेवरिया ने भी बखूबी साथ दिया और पास ही स्थित
शूटिंग रेंज में जाकर अभ्यास करवाना शुरू कर दिया | अवनि ने बताया कि कोच के निर्देशन के अनुसार अभ्यास
करने के साथ मैं उन्होंने ने अपना शत-प्रतिशत मेहनत करना शुरू किया | निरंतर प्रयास के बाद अवनि को खेल
की बारीकियां समझ आती गई जिनपर उन्होंने और मेहनत की और उसके बाद अवनि को सफलताएं मिलती चली
गईं |
संगीत सुनना, फिल्में और टेलीविजन देखना अवनि को काफी पसंद है | इसके अलावा वह खाना पकाना और अपने
परिवार के साथ समय बिताना भी काफी पसंद करती है | अवनि लेखरा को इंस्टाग्राम पर भी काफी सोशल होते
देखा है | वो आपने फैंस के लिए तस्वीरें अपलोड कर के टच में रहती है |
अवनि लेखरा के कोच- (Avani Lekhara Coach)
अवनि लेखरा के कोच सुभाष राणा, चंदन सिंह एवं जेपी नौटियाल हैं| जिन्होंने अवनि के व्हीलचेयर पर आने से
निराश हो जाने पर समय समय पर अवनि को प्रोत्साहित किया और अवनि को निशानेबाजी मैं मेहनत करवाई |
अवनि लेखरा ने आज जो मुकाम हासिल कर लिया है, इसका श्रेय ख़ास तौर पर उनके कोच को भी जाता है|
जूनियर राइफल टीम के राष्ट्रीय उच्च प्रदर्शन कोच सुमा शिरूर का टोक्यो पैरालिंपिक स्वर्ण पदक विजेता
अवनी लेखारा की सफलता के पीछे एक महत्वपूर्ण प्रभाव रहा है।
अवनि लेखरा का परिवार: (Avani Lekhara Family)
पिता का नाम: प्रवीण कुमार लेखरा
माता का नाम: श्वेता जेवरिया
भाई का नाम: अर्णव
अवनि लेखरा के कोच सुभाष राणा, चंदन सिंह एवं जेपी नौटियाल हैं| जिन्होंने अवनि के व्हीलचेयर पर आने से
निराश हो जाने पर समय समय पर अवनि को प्रोत्साहित किया और अवनि को निशानेबाजी मैं मेहनत करवाई |
अवनि लेखरा ने आज जो मुकाम हासिल कर लिया है, इसका श्रेय ख़ास तौर पर उनके कोच को भी जाता है|
जूनियर राइफल टीम के राष्ट्रीय उच्च प्रदर्शन कोच सुमा शिरूर का टोक्यो पैरालिंपिक स्वर्ण पदक विजेता अवनी लेखारा की सफलता के पीछे एक महत्वपूर्ण प्रभाव रहा है।
अवनि लेखरा का परिवार: (Avani Lekhara Family)
पिता का नाम: प्रवीण कुमार लेखरा
माता का नाम: श्वेता जेवरिया
भाई का नाम: अर्णव
अवनि लेखरा के बारे में कुछ और जानकारी:
अवनि लेखरा का करियर: (Avani Lekhara Career)
अवनी ने 2017 के बाद से कई विश्व कप पदक जीते हैं, जिसमें WSPS विश्वकप 2017 में R2 में जूनियर वर्ल्ड रिकॉर्ड
के साथ रजत, WSPS विश्व कप बैंकॉक 2017 में कांस्य, ओसीजेक, क्रोएशिया 2019 में WSPS विश्व कप में रजत
पदक शामिल हैं। उनकी वर्ल्ड रैंकिंग (World Ranking) 5 हैं |
अवनि लेखरा को राजस्थान सरकार द्वारा राज्य वन विभाग में सहायक वन संरक्षक के पद पर पहले ही नियुक्त
किया जा चुका है.
ये भी पढ़े :
अवनि लेखरा का करियर: (Avani Lekhara Career)
अवनी ने 2017 के बाद से कई विश्व कप पदक जीते हैं, जिसमें WSPS विश्वकप 2017 में R2 में जूनियर वर्ल्ड रिकॉर्ड
के साथ रजत, WSPS विश्व कप बैंकॉक 2017 में कांस्य, ओसीजेक, क्रोएशिया 2019 में WSPS विश्व कप में रजत
पदक शामिल हैं। उनकी वर्ल्ड रैंकिंग (World Ranking) 5 हैं |
अवनि लेखरा को राजस्थान सरकार द्वारा राज्य वन विभाग में सहायक वन संरक्षक के पद पर पहले ही नियुक्त
किया जा चुका है.
ये भी पढ़े :
अवनि लेखरा (Avani Lekhara Paralympics) को प्राप्त पुरस्कार एवं उपलब्धियां
पैरा शूटिंग विश्व कप -2019: अवनी लेखरा ने साल 2019 में हुए दुबई में आयोजित पैरा शूटिंग विश्व कप के 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में रजत पदक अपने नाम किया था और इस जीत के साथ ही पैरालंपिक के लिए भी क्वालिफाय कर लिया |
पैरा शूटिंग विश्व कप -2019: अवनी लेखरा ने साल 2019 में हुए दुबई में आयोजित पैरा शूटिंग विश्व कप के 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में रजत पदक अपने नाम किया था और इस जीत के साथ ही पैरालंपिक के लिए भी क्वालिफाय कर लिया |
अवनी लेखरा ने साल 2021 में टोक्यो में आयोजित पैरालंपिक में स्वर्ण पदक अपने नाम किया |
अवनी लेखरा ने साल 2021 में टोक्यो में आयोजित पैरालंपिक में स्वर्ण पदक अपने नाम किया |
राष्ट्रीय पैरालंपिक शूटिग चैंपियनशिप-2015: अवनी लेखरा ने साल 2015 में राष्ट्रीय पैरालंपिक शूटिग चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता.
पांच बार राष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक:अवनी लेखरा पांच बार राष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीत चुकी है | अवनी लेखरा पैरालंपिक स्वर्ण पदक जीतने वाली भारत की पहली महिला खिलाड़ी है.
राजस्थान सरकार ने टोक्यो पैरालिंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाली निशानेबाज अवनि लेखरा को राज्य में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान का ब्रांड एंबेसडर नामित किया है.
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ग्रीष्मकालीन टोक्यो पैरालंपिक- 2020 में पदक जीतने वाले राज्य के तीन खिलाड़ियों के लिए नकद पुरस्कार की घोषणा की. अवनि लेखरा (Avani Lekhara Paralympics) को निशानेबाजी में स्वर्ण जीतने पर 3 करोड़, भाला फेंक में रजत जीतने पर 2 करोड़ रुपये और इसी स्पर्धा में कांस्य पदक जीतने पर सुंदर सिंह गुर्जर को 1 करोड़ रुपये दिए जाएंगे.
अवनि लेखरा और आनंद महिंद्रा
अवनि लेखरा विकलांग लोगों के लिए महिंद्रा की पहली एसयूवी प्राप्त करेगी । महिंद्रा विकलांगों के अनुकूल
एसयूवी का पहला मॉडल पैरालिंपियन चैंपियन अवनी लेखरा को समर्पित करना चाहती है | इससे पहले, महिंद्रा ने
विकलांग लोगों के लिए एसयूवी की एक श्रृंखला विकसित करने का भी संकेत दिया था।
चल रहे टोक्यो पैरालिंपिक के बीच, आनंद महिंद्रा ने व्यक्त किया कि दीपा मलिक के बाद उनकी टीम विकलांग
लोगों के लिए उन्हें सुलभ और अनुकूल बनाने के लिए अपनी एसयूवी को अपग्रेड करने के लिए काम कर रही है,
एक अन्य पैरालिंपियन ने उन्हें इस पर काम करने का सुझाव दिया।


Source: Twitter
एसयूवी निर्माता कंपनी ने पहले ही इस पर काम करना शुरू कर दिया है, इसके अलावा महिंद्रा विकलांग लोगों के लिए एसयूवी का पहला मॉडल अवनी लेखरा को उनकी शानदार उपलब्धि के लिए समर्पित करना चाहती है। अपने ट्वीट में उन्होंने पैरालम्पियन अवनि लेखरा की जीत का जिक्र किया, जिन्होंने पैरा शूटिंग खेलों में भारत के लिए पहली बार स्वर्ण पदक जीता था।
FAQ:
Q: अवनि लेखरा (Avani Lekhara Paralympics) किस राज्य से है?
Ans : राजस्थान
Q : अवनि लेखरा (Avani Lekhara Paralympics) के कोच कौन है?
Ans : सुभाष राणा, चंदन सिंह एवं जेपी नौटियाल
Q : अवनि लेखरा (Avani Lekhara Paralympics) को कौन सी बीमारी है?
Ans : बचपन में दुर्घटना के कारण रीड की हड्डी टूट गई थी जिस कारण चल फिरने में असमर्थ है!
Q : अवनि लेखरा (Avani Lekhara Paralympics) की वर्ल्ड रैंकिंग (Avani Lekhara World Ranking) कितनी है?
Ans : 5th रैंक
Q : अवनि लेखरा (Avani Lekhara Paralympics) को किस खेल के लिए सुवर्ण पदक दिया गया ?
Ans : उन्होंने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग एसएच1 इवेंट में गोल्ड मेडल जीता |
निष्कर्ष : आशा है कि आप सभी को अवनि लेखा की जीवनी पसंद आएगी और आपको इससे कुछ प्रेरणा मिलेगी। अगर आपको इस तरह की जीवनी पसंद है तो हमारे ब्लॉग पर कमेंट करें |
अवनि लेखरा विकलांग लोगों के लिए महिंद्रा की पहली एसयूवी प्राप्त करेगी । महिंद्रा विकलांगों के अनुकूल
एसयूवी का पहला मॉडल पैरालिंपियन चैंपियन अवनी लेखरा को समर्पित करना चाहती है | इससे पहले, महिंद्रा ने
विकलांग लोगों के लिए एसयूवी की एक श्रृंखला विकसित करने का भी संकेत दिया था।
चल रहे टोक्यो पैरालिंपिक के बीच, आनंद महिंद्रा ने व्यक्त किया कि दीपा मलिक के बाद उनकी टीम विकलांग
लोगों के लिए उन्हें सुलभ और अनुकूल बनाने के लिए अपनी एसयूवी को अपग्रेड करने के लिए काम कर रही है,
एक अन्य पैरालिंपियन ने उन्हें इस पर काम करने का सुझाव दिया।

| Source: Twitter |
FAQ:
Q: अवनि लेखरा (Avani Lekhara Paralympics) किस राज्य से है?
Ans : राजस्थान
Q : अवनि लेखरा (Avani Lekhara Paralympics) के कोच कौन है?
Ans : सुभाष राणा, चंदन सिंह एवं जेपी नौटियाल
Q : अवनि लेखरा (Avani Lekhara Paralympics) को कौन सी बीमारी है?
Ans : बचपन में दुर्घटना के कारण रीड की हड्डी टूट गई थी जिस कारण चल फिरने में असमर्थ है!
Q : अवनि लेखरा (Avani Lekhara Paralympics) की वर्ल्ड रैंकिंग (Avani Lekhara World Ranking) कितनी है?
Ans : 5th रैंक
Q : अवनि लेखरा (Avani Lekhara Paralympics) को किस खेल के लिए सुवर्ण पदक दिया गया ?
Ans : उन्होंने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग एसएच1 इवेंट में गोल्ड मेडल जीता |
0 Comments